पीएमजीएसवाई के दावों की खुली पोल, सेदम-गोविंदपुर-मुरताडांड मार्ग पर आवागमन बदहाल, बरसात से पहले हादसे का खतरा बढ़ा

न्यूज़ डेस्क अंबिकापुर/बतौली/सेदम (REPORTER YATISH SONI) –सरगुजा जिले के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सेदम-चिपरकाया-मुरताडांड मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, जलभराव और उखड़ चुकी डामर की परत ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी वाहनों और ओवरलोड हाइवा के लगातार आवागमन के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। बरसात का मौसम सिर पर है और ग्रामीण किसी बड़े हादसे की आशंका जता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2010 में किया गया था। कुछ वर्ष पूर्व सड़क पर पैच वर्क भी कराया गया, लेकिन विभागीय दावों की पोल पहली ही बारिश से खुल गई। वर्तमान में सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। हालत यह है कि दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चल रहे भारी वाहनों और ओवरलोड हाइवा ने सड़क को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। क्षमता से अधिक वजन लेकर गुजरने वाले वाहनों के कारण मरम्मत कार्य कुछ ही महीनों में बेअसर हो गया और सड़क फिर से बदहाल स्थिति में पहुंच गई। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।
यह सड़क पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरती है, जहां पहले से ही चढ़ाई और फिसलन की समस्या बनी रहती है। सड़क किनारे समुचित नालियों और जल निकासी व्यवस्था का अभाव होने के कारण बरसात का पानी सीधे सड़क पर बहता है और कई जगह जमा हो जाता है। पानी की निकासी नहीं होने से डामर तेजी से उखड़ रहा है, जिससे सड़क और अधिक खतरनाक होती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, जल निकासी की व्यवस्था बनाई जाए तथा भारी और ओवरलोड वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबंधात्मक साइनबोर्ड लगाए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल सेदम-गोविंदपुर-मुरताडांड मार्ग की बदहाल स्थिति प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देता है।




