
ब्यूरो रिपोर्ट-बलरामपुर जिले के राजपुर में धान का टोकन नहीं कटने से किसान बेहद परेशान है। 31 जनवरी तक धान खरीदी की आखिरी तिथि तय है और यहां लिमिट फुल हो चुका है और अब किसी का टोकन नहीं कट रहा है और सैकड़ो किसान धान बिक्री करने से बचे हुए हैं। आज भारी संख्या में किसान अपना किसान किताब लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और उन्होंने एसडीएम को अपनी परेशानी से अवगत कराया।आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने 3 दिन का अल्टीमेटम देकर वहाँ से वापस लौटे।

राजपुर धान खरीदी केंद्र में लगभग 2000 से अधिक किसानों का पंजीयन है और अभी तक लगभग 40 फीसदी ही किसान धान बेचे हैं। पहले यहां 2056 क्विंटल प्रतिदिन धान की खरीदी की लिमिट थी बाद में किसानों के आंदोलन के बाद 800 प्रति क्विंटल की लिमिट बढ़ाई गई लेकिन उसके बावजूद किसानों का टोकन कटना आसान नहीं हुआ। किसानों का आरोप है कि यहां बिचौलियों का टोकन काटा जा रहा है और जो ओरिजिनल किसान है वह सिर्फ चक्कर काट रहे हैं। स्थिति यह हो गई है कि 31 जनवरी तक ही धान बेचने की आखिरी तारीख है और यहां लिमिट फुल हो चुका है अब एक भी स्लॉट खाली नहीं है और सैकड़ो की संख्या में किसान धान बेचने के लिए बचे हुए हैं। किसान बेहद परेशान है उनका कहना है की वह कर्ज से वह लदे हुए हैं अगर धान की बिक्री नहीं हुई तो फांसी लगाने के अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है। किसानों ने आज एसडीएम को आवेदन देकर 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है और कहा कि अगर उनका टोकन नहीं कटता है तो वह आंदोलन और चक्का जाम करेंगे।

वही इस मामले में मिडिया की टीम ने जब एसडीएम से बात किया तो उनका कहना है कि लिमिट बढ़ाये जाने के लिए उन्होंने कलेक्टर सर को पत्र लिखा है और लिमिट बढ़ाने के बाद ही किसानों का टोकन कट सकेगा। एसडीएम देवेंद्र प्रधान ने कहा कि जिन किसानों ने आज आवेदन दिया है लिमिट बढ़ने के बाद उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी और पहले उन्हीं का टोकन कटेगा।




