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अधिकारियों के आश्वासन पर टला बरियों चक्काजाम, ग्रामीण बोले- वादा टूटा तो होगा उग्र आंदोलन

बलरामपुर जिले के बरियों में प्रस्तावित चक्काजाम फिलहाल टल गया है। निर्माणाधीन एनएच-343 सड़क पर उड़ रही धूल और धीमी निर्माण गति को लेकर नाराज़ ग्रामीणों और व्यापारियों ने 27 मई को चक्काजाम की चेतावनी दी थी। लेकिन प्रशासन और एनएच विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि वादा पूरा नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा।

राजपुर अनुविभाग अंतर्गत निर्माणाधीन एनएच-343 सड़क में उड़ रही धूल और निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार को लेकर पिछले कई दिनों से बघिमा, बरियों, चारपारा और ककना सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। इसी नाराज़गी के चलते 27 मई को बरियों में चक्काजाम की चेतावनी दी गई थी।

मंगलवार को बढ़ते जनदबाव को देखते हुए प्रशासन, एनएच विभाग और ग्रामीणों के बीच अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम राजपुर, तहसीलदार बरियों, पुलिस चौकी प्रभारी, एनएच-343 के एसडीओ, साइड इंजीनियर और प्रोजेक्ट मैनेजर मौजूद रहे। वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण और व्यापारी भी शामिल हुए।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में लापरवाही, धूल प्रदूषण और नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने की समस्या को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही से पूरे क्षेत्र में दिनभर धूल का गुबार बना रहता है, जिससे घरों, दुकानों और स्कूलों में रहना मुश्किल हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सांस संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के कड़े तेवर को देखते हुए प्रशासन और एनएच विभाग ने तत्काल समाधान का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाएगा और निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों और व्यापारियों ने फिलहाल 27 मई का चक्काजाम स्थगित कर दिया है। लेकिन चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और निर्माण एजेंसी की होगी।

बैठक में मुख्य रूप से जितेंद्र जायसवाल, बृजेश मिश्रा, मुकेश गुप्ता, संजय अग्रवाल, अजय अग्रवाल, सुनील जायसवाल, राकेश केशरी, सुरेश तिर्की, मुरारी श्रीवास्तव, वीरेंद्र श्रीवास्तव, अशोक सोनी, आशीष श्रीवास्तव, सुदर्शन, सुभाष जायसवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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