
न्यूज़डेस्क बलरामपुर/राजपुर –बलरामपुर जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है… जहां गर्भवती महिलाओं को जरूरी कैल्शियम की दवा तक नसीब नहीं हो रही है। हर महीने की 9 तारीख को विकासखंड भर से सैकड़ों गर्भवती महिलाएं जांच कराने अस्पताल पहुंचती हैं… ताकि उन्हें मुफ्त में जरूरी दवाइयां मिल सकें… लेकिन इस बार जांच के बाद महिलाओं को कैल्शियम की गोली नहीं दी गई… जिससे दूर-दराज से पहुंचीं महिलाएं परेशान नजर आईं। सवाल यह है कि जब गर्भवती महिलाओं के लिए कैल्शियम और आयरन जैसी दवाएं बेहद जरूरी हैं तो आखिर अस्पताल प्रबंधन इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर सकता है…

राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने की 9 तारीख को विशेष जांच शिविर लगाया जाता है… जहां पूरे विकासखंड से गर्भवती महिलाएं जांच कराने पहुंचती हैं। उम्मीद होती है कि जांच के साथ-साथ उन्हें आयरन और कैल्शियम जैसी जरूरी दवाएं भी मिलेंगी… ताकि गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर रहे… लेकिन इस बार अस्पताल पहुंची महिलाओं को कैल्शियम की दवा नहीं मिली… जिससे वे मायूस और परेशान दिखीं।
दूरदराज के गांवों से आने वाली कई महिलाएं आर्थिक रूप से इतनी सक्षम नहीं हैं कि बाजार से महंगी दवाएं खरीद सकें। यही वजह है कि वे सरकारी अस्पताल पर निर्भर रहती हैं… लेकिन जब अस्पताल में ही दवा न मिले तो उनकी परेशानी बढ़ना लाजिमी है। महिलाओं का कहना है कि जांच तो कर दी जाती है… लेकिन जरूरी दवाइयां नहीं मिलने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
मितानिनों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम और आयरन की गोलियां बेहद जरूरी होती हैं। इससे गर्भवती महिलाओं में खून की कमी नहीं होती और बच्चे के विकास में भी मदद मिलती है… लेकिन अस्पताल में दवा खत्म होने से महिलाओं के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ सकता है।
दवा वितरण कर रहे कर्मचारी संतोष कुमार का कहना है कि दवा खत्म होने की जानकारी उन्होंने पहले ही उच्च अधिकारियों को दे दी थी… लेकिन अब तक आपूर्ति नहीं हो सकी है। उनका दावा है कि सोमवार तक दवा अस्पताल पहुंच जाएगी।
वहीं फार्मासिस्ट प्रियंका ने भी माना कि अस्पताल में फिलहाल कैल्शियम की दवा उपलब्ध नहीं है और इसकी डिमांड भेजी जा चुकी है।
मामले में मेडिकल ऑफिसर दीपक गुप्ता का कहना है कि दवा की कमी की जानकारी मिली है… जल्द ही इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि महिलाओं को परेशानी न हो।
सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है… लेकिन राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह तस्वीर उन दावों की हकीकत बयां कर रही है। सवाल यही है कि जब गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी दवा की उपलब्धता तक सुनिश्चित नहीं हो पा रही… तो आखिर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कब होगी…




