महिला सुरक्षा से साइबर अपराध तक, कोटवारों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारियां

न्यूज़डेस्क बलरामपुर/राजपुर-बलरामपुर जिले के राजपुर थाना परिसर में आज थाना क्षेत्र के सभी ग्राम कोटवारों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को मजबूत करना, अपराधों की रोकथाम करना तथा पुलिस और ग्राम कोटवारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने कोटवारों को उनके दायित्वों की जानकारी देते हुए गांवों में सतत निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस प्रशासन ने कहा कि ग्राम कोटवार शासन और प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिनकी सक्रिय भूमिका से गांवों में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में काफी मदद मिलती है। कोटवारों को अपने-अपने गांवों में अवैध शराब, गांजा, नशीले पदार्थों के सेवन और बिक्री पर नजर रखने तथा इसकी जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
बैठक में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। कोटवारों से कहा गया कि वे ग्रामीणों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, शराब पीकर वाहन न चलाना तथा नाबालिगों को वाहन न देने जैसे विषयों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना की स्थिति में तत्काल पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना देने की बात भी कही गई।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने कोटवारों को निर्देशित किया कि घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, बाल विवाह, मानव तस्करी तथा महिला एवं बाल अपराधों से जुड़ी किसी भी घटना की जानकारी बिना विलंब पुलिस को दें, ताकि समय पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा गांवों में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों और आदतन अपराधियों पर नजर रखने तथा उनकी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में साइबर अपराधों से बचाव और ग्रामीणों को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया। कोटवारों को बताया गया कि अज्ञात फोन कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने, ऑनलाइन लॉटरी और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित करें। किसी भी साइबर ठगी की घटना होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देने की सलाह दी गई। साथ ही कृषि कार्यों के नाम पर ग्रामीणों से ठगी करने वाले लोगों से सावधान रहने और किसी भी योजना या अनुदान संबंधी जानकारी का पहले सत्यापन कराने के लिए कहा गया।
बैठक के दौरान सूचना तंत्र को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गांवों में होने वाली किसी भी आपराधिक, सामाजिक अथवा कानून व्यवस्था से जुड़ी घटना की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचना आवश्यक है। बैठक के अंत में सभी ग्राम कोटवारों से अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया। वहीं उपस्थित कोटवारों ने भी पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि ग्राम कोटवारों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, सूचना तंत्र की मजबूती और कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर इस तरह की बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।बैठक मे थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह एवं थाना के समस्त स्टॉफ मौजूद थे।




