
न्यूज़डेस्क बलरामपुर- भाजपा विधायक शकुंतला पोरते के जाति प्रमाण पत्र का निराकरण अब नए साल होने की उम्मीद है। सर्व आदिवासी समाज ने विधायक की जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताया है और हाई कोर्ट के निर्देश पर इस पूरे मामले में जिला स्तरीय छानबीन समिति के द्वारा सुनवाई की जा रही है। जिला स्तरीय समिति के सुनवाई की आज तीसरी तारीख थी सभी को उम्मीद थी कि आज इस पर कोई रिजल्ट सामने आएगा लेकिन लिपिक संघ के आंदोलन में रहने के कारण आज की तारीख भी टल गई और आगामी तारीख 29 जनवरी 2026 को तय की गई है।
आज अपर कलेक्टर के नेतृत्व में सुनवाई होनी थी और दोनों पक्ष के तरफ से अधिवक्ता दलील देने के लिए पहुंचे हुए थे। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस की टीम भी पूरी तरह से तैयार थी क्योंकि पिछले दो बार की तरह उम्मीद थी कि इस बार भी सर्व आदिवासी समाज की तरफ से आंदोलन और उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। लिपिक संघ के आंदोलन में चले जाने के कारण मामला पूरी तरह से शांत रहा और अब सभी को जाति प्रमाण पत्र के निराकरण के लिए नए साल का इंतजार रहेगा।




